ब्रह्मांड एवं सौरमण्डल
सूर्य की संरचना और सौर वर्णमंडल (Structure of Sun and Solar Atmosphere)
📖 Core Summary: सूर्य एक G2V श्रेणी का मध्यम आयु का तारा है जिसके केन्द्र में परमाणु संलयन (nuclear fusion) होता है। इसकी बाहरी परतें—प्रकाशमंडल (photosphere), वर्णमंडल (chromosphere) और कोरोना (corona)—सौर गतिविधियों का स्रोत हैं।
📌 Key Facts & Historical Provisions
- सूर्य का द्रव्यमान लगभग 1.989 × 10^30 किग्रा है और यह सौरमंडल के कुल द्रव्यमान का 99.86% भाग है।
- सूर्य की सतह का तापमान लगभग 5,778 K (5,505°C) जबकि कोरोना का तापमान 1-3 मिलियन K तक होता है (ताप विरोधाभास—Coronal heating problem)।
- सूर्य के केन्द्र में हाइड्रोजन का हीलियम में संलयन प्रोटॉन-प्रोटॉन श्रृंखला (pp-chain) द्वारा होता है जिससे प्रति सेकंड लगभग 600 मिलियन टन द्रव्यमान ऊर्जा में बदलता है।
- सौर वायु (solar wind) कोरोना से निकलने वाला आवेशित कणों का प्रवाह है जो पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र से अंतरिक्ष में विक्षेपित होता है।
💡 Memory Hook (Mnemonic): सूर्य की परतें याद करने के लिए: 'प्र व को' = प्रकाशमंडल → वर्णमंडल → कोरोना (अंदर से बाहर)।
⚠️ Exam Pointers & Traps: सूर्य को तारा माना जाता है, ग्रह नहीं; सूर्य पृथ्वी से पुराना नहीं है—दोनों लगभग 4.6 अरब वर्ष पुराने हैं। कोरोना का तापमान सतह से अधिक होता है (विरोधाभासी)।
🎯 Mini Practice Quiz (Quick Recall)
Q1. सूर्य के केन्द्र में ऊर्जा उत्पादन की प्रक्रिया क्या है?
💡 Explanation: सूर्य के केन्द्र में हाइड्रोजन का हीलियम में संलयन (proton-proton chain) होता है, जिससे ऊर्जा उत्पन्न होती है।
