पृथ्वी की उत्पत्ति
पृथ्वी की उत्पत्ति: निहारिका परिकल्पना (Nebular Hypothesis)
📖 Core Summary: इमैनुएल कांट और लाप्लास द्वारा प्रतिपादित यह सिद्धांत बताता है कि पृथ्वी और सौरमंडल का निर्माण एक विशाल घूमते हुए गैस और धूल के बादल (निहारिका) से हुआ है।
📌 Key Facts & Historical Provisions
- इमैनुएल कांट ने 1755 में 'गैसीय परिकल्पना' दी थी।
- पियरे लाप्लास ने 1796 में इसे संशोधित कर 'निहारिका परिकल्पना' (Nebular Hypothesis) का नाम दिया।
- प्रारंभिक पदार्थ के ठंडा होने और संकुचित होने से छल्ले अलग हुए, जिनसे ग्रहों का निर्माण हुआ।
💡 Memory Hook (Mnemonic): K-L-N (Kant-Laplace-Nebula): कांट ने सोचा, लाप्लास ने निहारिका को आकार दिया।
⚠️ Exam Pointers & Traps: ध्यान दें कि यह सिद्धांत 'द्वैतवादी' (Dualistic) नहीं बल्कि 'अद्वैतवादी' (Monistic) परिकल्पना है, क्योंकि यह केवल एक तारे/पिंड से उत्पत्ति मानती है।
🎯 Mini Practice Quiz (Quick Recall)
Q1. निहारिका परिकल्पना (Nebular Hypothesis) का प्रतिपादन मुख्य रूप से किसने किया था?
💡 Explanation: पियरे लाप्लास ने 1796 में कांट के विचारों को विकसित करते हुए निहारिका परिकल्पना को व्यवस्थित रूप दिया।
