वैदिक काल: भौगोलिक विस्तार एवं नदियाँ (Vedic Period: Geographical Extent and Rivers)

September 7, 2026 Sonu 1 min read
Ancient & Medieval History

वैदिक काल: भौगोलिक विस्तार एवं नदियाँ (Vedic Period: Geographical Extent and Rivers)

📖 Core Summary: वैदिक आर्यों का विस्तार सप्त-सैंधव प्रदेश से गंगा-यमुना दोआब तक हुआ, जिसका वर्णन ऋग्वेद की 'नदी सूक्त' में मिलता है।
📌 Key Facts & Historical Provisions
  • ऋग्वेद में 25 नदियों का उल्लेख है।
  • सिंधु (Indus) सबसे महत्वपूर्ण नदी थी, जबकि सरस्वती (Saraswati) को 'नदीतमा' (सबसे पवित्र) कहा गया है।
  • गंगा का उल्लेख केवल एक बार और यमुना का तीन बार हुआ है।
💡 Memory Hook (Mnemonic): सप्त-सैंधव की नदियाँ: 'सिंधु-सरस्वती-सतलुज-व्यास-रावी-चेनाब-झेलम' (SSSRCVJ)
⚠️ Exam Pointers & Traps: ध्यान दें कि ऋग्वैदिक काल में गंगा-यमुना का महत्व कम था, यह उत्तर वैदिक काल में बढ़ा।

🎯 Mini Practice Quiz (Quick Recall)

Q1. ऋग्वेद में 'नदीतमा' किसे कहा गया है?
💡 Explanation: ऋग्वेद में सरस्वती नदी को 'नदीतमा' (नदियों में श्रेष्ठ) कहा गया है।