वैदिक कालीन दर्शन और षड्दर्शन के प्रवर्तक (Vedic Philosophy and Schools of Shad-Darshana)

September 7, 2026 Sonu 1 min read
वैदिक काल

वैदिक कालीन दर्शन और षड्दर्शन के प्रवर्तक (Vedic Philosophy and Schools of Shad-Darshana)

📖 Core Summary: प्राचीन भारतीय दर्शन की छह रूढ़िवादी (आस्तिक) प्रणालियाँ और उनके संस्थापक आचार्य, जो वेदों की प्रमाणिकता में विश्वास रखते हैं।
📌 Key Facts & Historical Provisions
  • सांख्य दर्शन के प्रणेता महर्षि कपिल थे, जो सबसे प्राचीन दर्शन माना जाता है।
  • न्याय दर्शन के प्रवर्तक महर्षि गौतम थे, जो तर्क और प्रमाण पर आधारित है।
  • उत्तर मीमांसा (वेदान्त) के प्रवर्तक महर्षि बादरायण थे, जो उपनिषदों के विचारों पर आधारित है।
💡 Memory Hook (Mnemonic): सांख्य = कपिल, न्याय = गौतम (गौतम न्याय करो)
⚠️ Exam Pointers & Traps: पूर्व मीमांसा के प्रवर्तक जैमिनि हैं और उत्तर मीमांसा (वेदान्त) के बादरायण हैं, इनमें भ्रमित न हों।

🎯 Mini Practice Quiz (Quick Recall)

Q1. निम्नलिखित में से 'सांख्य दर्शन' के प्रवर्तक कौन थे?
💡 Explanation: सांख्य दर्शन के प्रवर्तक महर्षि कपिल मुनि थे। यह भारतीय दर्शन की सबसे प्राचीन प्रणालियों में से एक है।