पृथ्वी की उत्पत्ति: हाइड्रोडायनामिक संकुचन सिद्धांत

September 4, 2026 Sonu 1 min read
पृथ्वी की उत्पत्ति

पृथ्वी की उत्पत्ति: हाइड्रोडायनामिक संकुचन सिद्धांत

📖 Core Summary: हाइड्रोडायनामिक संकुचन सिद्धांत के अनुसार, प्रारम्भिक गैस‑धूल के बादल में गुरुत्वाकर्षणीय संकुचन से उच्च तापमान उत्पन्न हुआ, जिससे पृथ्वी का निर्माण हुआ।
📌 Key Facts & Historical Provisions
  • प्रारम्भिक सौर नेबुला में गैस‑धूल का घनत्व बढ़ने पर गुरुत्वाकर्षणीय शक्ति तेज़ी से काम करती है।
  • संकुचन के दौरान उत्पन्न गर्मी से धातु‑आधारित कणों का मिलन और पृथ्वी के कोर का गठन हुआ।
  • संकुचन के बाद शेष गैस‑धूल डिस्क में बचे पदार्थों से बाद में चंद्रमा और अन्य छोटे पिंड बनते हैं।
💡 Memory Hook (Mnemonic): हाइड्रो‑डायनमिक = जल (हाइड्रो) + गति (डायनामिक) → संकुचन से जल‑जैसी घनत्व बढ़े
⚠️ Exam Pointers & Traps: परीक्षा में अक्सर हाइड्रोडायनामिक सिद्धांत को निहारिका परिकल्पना से भ्रमित किया जाता है; दोनों में संकुचन है पर प्रक्रिया की शर्तें अलग हैं।

🎯 Mini Practice Quiz (Quick Recall)

Q1. हाइड्रोडायनामिक संकुचन सिद्धांत के अनुसार पृथ्वी के निर्माण में मुख्य भूमिका कौन सी प्रक्रिया निभाती है?
💡 Explanation: इस सिद्धांत में प्रारम्भिक गैस‑धूल के बादल का गुरुत्वाकर्षणीय संकुचन मुख्य प्रक्रिया है, जिससे उच्च तापमान और पृथ्वी का निर्माण होता है।