पृथ्वी का अक्षांशीय प्रभाव और दिन-रात की अवधि (Latitudinal Effect and Day-Night Duration)

September 4, 2026 Sonu 1 min read
पृथ्वी की गतियाँ

पृथ्वी का अक्षांशीय प्रभाव और दिन-रात की अवधि (Latitudinal Effect and Day-Night Duration)

📖 Core Summary: पृथ्वी के अक्षीय झुकाव के कारण विभिन्न अक्षांशों पर सूर्य के प्रकाश की अवधि और तीव्रता में भिन्नता होती है।
📌 Key Facts & Historical Provisions
  • विषुवत रेखा (Equator) पर दिन और रात की अवधि वर्ष भर लगभग समान (12 घंटे) रहती है।
  • ध्रुवों की ओर जाने पर गर्मियों में दिन की अवधि बढ़ती है और सर्दियों में घटती है।
  • आर्कटिक और अंटार्कटिक वृत्त के भीतर 'मध्यरात्रि सूर्य' (Midnight Sun) की घटना देखी जाती है।
💡 Memory Hook (Mnemonic): विषुवत = बराबर (12-12), ध्रुव = चरम (0 या 24 घंटे)।
⚠️ Exam Pointers & Traps: यह न समझें कि दिन-रात की अवधि केवल पृथ्वी के घूर्णन से तय होती है; इसमें परिक्रमण और झुकाव का बड़ा योगदान है।

🎯 Mini Practice Quiz (Quick Recall)

Q1. विषुवत रेखा पर दिन और रात की अवधि में अंतर क्यों नहीं होता?
💡 Explanation: विषुवत रेखा पर सूर्य की किरणें वर्ष भर लगभग लंबवत पड़ती हैं, जिससे प्रकाश का वितरण समान रहता है।