वैदिक काल: विवाह के प्रकार एवं कानूनी मान्यता (Types of Vedic Marriages)

September 7, 2026 Sonu 1 min read
Ancient & Medieval History

वैदिक काल: विवाह के प्रकार एवं कानूनी मान्यता (Types of Vedic Marriages)

📖 Core Summary: वैदिक ग्रंथों में आठ प्रकार के विवाहों का उल्लेख है, जिन्हें धर्मसम्मत (प्रशस्त) और अधर्मसम्मत (अप्रशस्त) श्रेणियों में बांटा गया है।
📌 Key Facts & Historical Provisions
  • प्रशस्त विवाह: ब्रह्म, दैव, आर्ष और प्रजापत्य।
  • अप्रशस्त विवाह: गंधर्व, आसुर, राक्षस और पैशाच।
  • अनुलोम विवाह (उच्च वर्ण पुरुष, निम्न वर्ण स्त्री) को मान्यता प्राप्त थी।
💡 Memory Hook (Mnemonic): ब-दै-आ-प्र (प्रशस्त) vs ग-आ-रा-पै (अप्रशस्त)
⚠️ Exam Pointers & Traps: प्रतिलोम विवाह (निम्न वर्ण पुरुष, उच्च वर्ण स्त्री) को वैदिक समाज में निंदनीय माना जाता था।

🎯 Mini Practice Quiz (Quick Recall)

Q1. निम्नलिखित में से कौन सा विवाह 'प्रशस्त' श्रेणी में नहीं आता है?
💡 Explanation: गंधर्व विवाह को अप्रशस्त श्रेणी में रखा गया है क्योंकि इसमें माता-पिता की सहमति अनिवार्य नहीं थी।