भारत के शास्त्रीय नृत्य: नौ रस एवं उनके भाव

September 2, 2026 Sonu 1 min read
Art & Culture

भारत के शास्त्रीय नृत्य: नौ रस एवं उनके भाव

📖 Core Summary: भारतीय शास्त्रीय नृत्य नौ रसों (भावों) पर आधारित होते हैं, जो मनुष्य के आंतरिक भावों को अभिव्यक्त करते हैं। ये रस नृत्य, संगीत एवं साहित्य में समान रूप से प्रयुक्त होते हैं।
📌 Key Facts & Historical Provisions
  • नौ रस: श्रृंगार, हास्य, करुण, रौद्र, वीर, भयानक, वीभत्स, अद्भुत एवं शांत।
  • प्रत्येक रस का अपना रंग, भाव एवं संगीत होता है। उदाहरण: श्रृंगार रस प्रेम एवं सौंदर्य को दर्शाता है।
  • नाट्यशास्त्र (भरतमुनि) में इन रसों का विस्तृत वर्णन मिलता है।
💡 Memory Hook (Mnemonic): श्रृंगार हास्य करुण रौद्र, वीर भयानक वीभत्स। अद्भुत शांत मिलाकर नौ, नृत्य में भाव जगाएँ।
⚠️ Exam Pointers & Traps: नौ रसों के नाम एवं उनके भावों को याद रखें। परीक्षा में अक्सर 'वीर' एवं 'रौद्र' रस के उदाहरण पूछे जाते हैं।

🎯 Mini Practice Quiz (Quick Recall)

Q1. निम्नलिखित में से कौन-सा रस 'प्रेम एवं सौंदर्य' को व्यक्त करता है?
💡 Explanation: श्रृंगार रस प्रेम, सौंदर्य एवं आकर्षण को व्यक्त करता है।