1. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं भौगोलिक विस्तार (Historical & Geographical Context) 2. दुर्गों का शास्त्रीय वर्गीकरण (Classical Classification of Forts) प्रतियोगी परीक्षाओं (विशेषतः RAS एवं UPSC) के दृष्टिकोण से…
1. करणी माता (देशनोक, बीकानेर) 2. जीण माता (रेवासा, सीकर) 3. कैला देवी (त्रिकूट पर्वत, करौली) 4. शीला देवी (आमेर दुर्ग, जयपुर) 5. शीतला माता (सील की डूंगरी,…
राजस्थान में भक्ति आंदोलन केवल आध्यात्मिक साधना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने सामाजिक कुरीतियों, बाह्य आडंबरों, जातिगत संकीर्णताओं और ऊंच-नीच के भेदभाव के विरुद्ध एक सशक्त सांस्कृतिक…
1. ‘पंचपीर’ की दार्शनिक व सांस्कृतिक अवधारणा 2. पंचपीरों का विस्तृत एवं सूक्ष्म विश्लेषण (A) बाबा रामदेवजी तंवर (सांप्रदायिक सद्भाव एवं समाज-सुधार के प्रतीक) (B) पाबूजी राठौड़ (गौ-रक्षक,…